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अवतारवाद में उलझे लोग..अब कल्कि आएगा ?

आचार्य प्रमोद कृष्णन खुद को हिन्दू साधु कहते है और कल्कि पीठाधीश्वर के रूप में जाने जाते हैं इनका दावा है कि कलियुग के अंतिम चरण में कल्कि भगवान अवतार लेंगे और धरती से पापियों का नाश करके सतयुग की स्थापना करेंगे। हालाँकि अभी कलियुग का प्रथम चरण ही चल रहा है। लेकिन अभी से ही कल्कि अवतार के नाम पर पूजा-पाठ और कर्मकांड शुरू हो चुके हैं। कुछ संगठनों का दावा है कि कल्कि अवतार के प्रकट होने का समय नजदीक आ गया है और कुछ का दावा है कि कल्कि अवतार हो चुका है।

कहते है जब भगवान अवतार लेते है तो विधर्मियों का सत्यानाश करते है और धर्म की स्थापना करते है. विधर्मी यानि वो लोग जो अपने धर्म से पथभ्रष्ट होकर दूसरे मत और सिद्धांत मानने लगते है और अपने पूर्व धर्म के अनुयायियों पर अत्याचार शुरू कर देते है। अगर अब देखें तो अकेले भारत में ही विधर्मियों की संख्या करोड़ों में हो चुकी है। अब सवाल है कि क्या उन सबका संहार होगा और कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णन जो स्वयं अपने धर्म से विमुख होकर संध्या हवन प्रार्थना छोड़कर अल्लाह मोला के गीत गा रहा है इनका क्या होगा?

दरअसल आचार्य प्रमोद कृष्णन का वर्तमान में भगवान कल्कि के नाम पर उत्तरप्रदेश में संभल ग्राम में एक मठ है। यहाँ सक्रिय कल्कि वाटिका नामक संगठन का दावा है कि कल्कि अवतार के प्रकट होने का समय नजदीक आ गया है। अभी कल्कि सपनों आदि के माध्यम से भक्तों को संदेश दे रहे हैं। उनकी महाशक्तियां भक्तों की रक्षा के लिए इस जगत में चारों ओर फैल चुकी हैं, अब बस उनका केवल प्राकट्य शेष है। अगर कोई इनसे पूछे कि इसका तार्किक आधार क्या है तो ये लोग नाराज होकर जवाब देते है कि आस्था में तर्क का कोई स्थान नहीं है मुर्ख? कल्कि अवतार भी किसी समयसीमा में बंधा नहीं है उसके प्राकट्य के अपने मापदंड हैं।

देखा जाये तो हिन्दू धर्म के पतन का एक मुख्यक कारण भी यही है कि यहाँ आस्था के नाम पर हर एक वह कार्य किया जा रहा है जिसका वेदों में कोई उल्लेख नहीं मिलता है । मजार पर जाते है, पीर पर चादर चढ़ा रहे है, वेदों में कहाँ वर्णित है? इसके अलावा हर रोज नये नये बाबा बना रहे है, जब इनसे काम नहीं चलता तो दुसरें मतों के चर्च से लेकर बंगाली बाबाओं तक सब में कूद जाते है । जबकि चार वेद हिन्दुओं के एकमात्र धर्मग्रंथ है । वेदों का सार है उपनिषद और इन सबमें किसी कल्कि अवतार पीर मजार का कोई जिक्र नहीं है।

अब कल्कि पीठ के आचार्य प्रमोद कृष्णन और उनके भक्तों का दावा है कि कलियुग के अंत में भगवान कल्कि अवतरित होंगे। वे एक सफेद घोड़े पर बैठ कर आएंगे और राक्षसों का नाश कर देंगे। अब ये राक्षस कौन है ये भी समस्या है क्योंकि रामायण और महाभारत में जो राक्षसों के चेहरे दिखाए गये जो गाँव के गाँव उजाड़ दिया करते थे, जो ऋषि मुनियों की साधना से लेकर यजशाला भंग किया करते थे, उन चेहरों के राक्षस तो अब नहीं दीखते! हाँ काम के अनुसार कुछ और राक्षस अब खड़े हो गये है जो इस काम को कर रहे है। क्या कल्कि उनका संहार करेंगे?

एक सवाल यह भी है राक्षसों का यह विनाश कब करेंगे तो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कलियुग की आयु चार लाख 32 हजार  वर्ष है जिसका अभी प्रथम चरण ही चल रहा है। अभी करीब 5119 वर्ष कलियुग के बीत चुके हैं और 4 लाख 26 हजार 881 वर्ष के करीब अभी बाकी है, अभी से ही कल्कि की पूजा, आरती और प्रार्थना शुरू हो गई है। यह अवतार भविष्य में होगा या नहीं यह अभी अनिश्चित है, लेकिन लोगों को कौन रोक सकता है पूजा करने से, कुछ लोग तो अभिताभ और रजनीकांत और सोनिया गाँधी की भी पूजा भी करते हैं।

अब इन लोगों का कमाल देखिये कि इन्होने अपनी एक पुराण भी बना ली है जिसका नाम है कल्कि पुराण इसके अनुसार कल्कि अवतार कलियुग व सतयुग के संधिकाल में होगा। यह अवतार 64 कलाओं से युक्त होगा। पुराणों के अनुसार उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद जिले के शंभल नामक स्थान पर जन्म लेंगे। कल्कि देवदत्त नामक घोड़े पर सवार होकर संसार से पापियों का विनाश करेंगे और धर्म की पुनरूस्थापना करेंगे।

यानि कल्कि अवतार हो चुका है या नहीं हुआ  ये लोग खुद भी अभी पक्के नहीं है। लेकिन इतना जरुर पक्का है कि अपने महापुरुष भगवान रामचन्द्र जी योगेश्वर श्रीकृष्ण जी, के बताये मार्ग से दूर करने तथा मुशायरों में जाकर अल्लाह मोला नबी चिल्लाने वालों ने जो अभी पैदा नहीं हुआ उसकी अभी से ही पूजा जरुर आरम्भ कर दी है। उनके मंदिर या व्यक्तित्व के आसपास धर्म का एक नया व्यापार या पाखंड खड़ा कर दिया है। लेकिन जिन लोगों की अपने वेदों में आस्था है जिन लोगों ने वेद पढ़े है वो इनका सारा सच समझते और जानते है।

सिर्फ वही नहीं बल्कि पिछले दिनों अखाडा परिषद ने प्रमोद कृष्णम को फर्जी बाबा घोषित कर दिया था। बताया जाता बाबा अपने स्कूलों में खूबसूरत जवान लड़कियों को टीचर के तौर पर भर्ती करता है। उसके स्कूल की एक टीचर के लापता होने का मामला भी सुर्खियों में रहा है। कुछ साल पहले पुलिस छापे में पकड़ी गई दो कॉलगर्ल्स ने भी इस बाबा का नाम लिया था। बताते हैं कि उनके पास सबसे महंगी लग्जरी गाड़ियों का जखीरा है। वो 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव भी बाबा कांग्रेस के टिकट पर लड़ चूका है। तब तब उसने अपनी संपत्ति 4 करोड़ रुपये घोषित की थी। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक उनका साम्राज्य इससे कई गुना ज्यादा का है।

प्रमोद कृष्णम  भले ही खुद को हिंदू धर्म का गुरु बताता हो लेकिन अपने भाषणों में वो हिंदू धर्म को काफी कुछ बुरा-भला कहता हैं,  जबकि मजहब के बारे में उनकी राय काफी अच्छी है। मजहबी लोगों के बड़े-बड़े जलसों में वो बतौर हिंदू धर्म गुरु शामिल होते हैं और वहां भी ज्यादातर वक्त यही बताते हैं कि मुस्लिम धर्म किस तरह हिंदू धर्म से अच्छा है। यही वजह है कि राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक उनके ज्यादातर फॉलोअर्स मुसलमान हैं। लेकिन राजनीति और पाखंड से जुड़े इस राजनितिक बाबा का असली चरित्र कोई बताने को तैयार नहीं है, जो कल्कि अवतार के नाम पर बड़ा धंधा जमाये बैठा है और कायर और डरपोक लोग भी सोच रहे है कि उनकी रक्षा करने को आज से 4 लाख 26 हजार 881 साल बाद कोई कल्कि आएगा।

RAJEEV CHOUDHARY

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