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कर्ज के लिए बेटियों को बेच रहा है पाकिस्तान!

लंबे समय से भीषण महंगाई की मार झेल रहा पाकिस्तान, दिवालिया होने की कगार पर बैठा है। अपनी अर्थव्यवस्था सुधारने के लिए पाकिस्तान ने पहले चीन को इन्सान के बाल बेचें, फिर भैंस, गधे, कुत्ते और सुअर तक बेचने बाद जब हालात नहीं सुधरे तो अब पाकिस्तान चीन को अपनी बेटियां बेच रहा है।

पिछले दिनों पाकिस्तान की नताशा मसीह ने घबराहट में अपने घर पर किसी तरह चीन से फोन तो किया लेकिन वह ये नहीं बता सकी कि उसके साथ चीन में क्या हो रहा है। अभी तक जिस पाकिस्तान और चीन के बीच दुनिया गहरी दोस्ती समझती थी लेकिन ये दोस्ती अब रिश्तेदारी में बदल गई है। रिश्तेदारी भी ऐसी की चीनी लड़के पाकिस्तान आते है और कुछ पैसे देकर पाकिस्तान से दुल्हन लेकर जाते हैं। पिछले दिनों चीनी दूल्हे और पाकिस्तानी दुल्हनों की शादी की तस्वीरें भी खूब देखी गईं। लेकिन शादी के बाद क्या हुआ किसी को नहीं पता। लेकिन दुल्हन बनकर चीन गई एक लड़की नताशा मसीह जब दो महीने बाद किसी तरह पाकिस्तान लौटी तो चीन और पाकिस्तान की इस रिश्तेदारी का सच सामने आ गया।

पिछले एक से दो सालों के बीच पाकिस्तान से 600 से ज्यादा लड़कियां चीनी पुरुषों के लिए दुल्हन के रूप में बेचा गया और चीन ले जाया गया। जिस तरह पाकिस्तान में चीन के बने इलेक्ट्रिक सामान की डिमांड है उसी तरह चीन में भी चीन में पाकिस्तान की लडकियों की भारी मांग है। क्योंकि चीन में महिलाओं की तुलना में लगभग 34 मिलियन अधिक पुरुष हैं। इस कारण ये गरीब लड़कियां चीन में वेश्यावृत्ति के अलावा अलग-अलग दुर्व्यवहार के लिए मजबूर हैं। यहाँ तक कि जो लड़कियां वेश्यावृत्ति के तैयार नहीं होती उनके किडनी से लेकर कई अंग भी बेच दिए गये थे।

पिछले दिनों जब पाकिस्तानी में 20 से अधिक पाकिस्तान और चीनी दलालों को गिरफ्तार किया गया तो पाकिस्तान की सरकार की ओर से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को चुप करा दिया गया और अदालत से सभी चीनी प्रतिवादियों को जमानत दे दी गई, ताकि चीन के साथ पाकिस्तान के घनिष्ठ आर्थिक संबंधों को खतरा न हो। बेचीं गयी अधिकांश लड़कियां गरीब ईसाई परिवारों से है पिछले दिनों सामिया डेविड नाम की एक लड़की को उसके परिवार ने एक चीनी पुरुष को बेच दिया था। लेकिन जब सामिया लौटी तो कोई उसे पहचान ही नहीं पाया, वो कुपोषित थी, इतनी कमजोर थी कि चल भी नहीं पा रही थी, लड़खड़ाती आवाज और बेसुध थी। परिवार वालों ने पूछा तो बस इतना कहा- मुझसे मत पूछो कि वहां मेरे साथ क्या-क्या हुआ। कुछ ही हफ्तों बाद उसकी मौत हो गई।

दरअसल ये शादी नहीं बल्कि सौदा होता है। जिसमें लड़कियों को दुल्हन बनाकर बेचा जाता है। मानव तस्करी का ये नेटवर्क पाकिस्तान के आला अधिकारीयों और चीनी दलाल चलाते है और इसके शिकार होते हैं ईसाई इनमें से कुछ लड़कियां तो नाबालिग होती हैं। दलाल छोटे मोटे चर्च के पादरी को ये काम करने के लिए पैसा खिलाते हैं और वो इनके लिए शादी का सर्टिफिकेट बना देते हैं, जिससे सबकुछ कानूनी लगे. चर्च के पादरी से लेकर मस्जिद के मौलवी तक इस रैकेट में शामिल होते हैं।

एक बार ये लड़कियां चीन पहुंच जाती हैं तो वहां इनकी कोई पूछ नहीं होती, उन्हें शोषित किया जाता है और वेश्यवृत्ति में धकेल दिया जाता है। और ये महिलाएं हमेशा वापस घर भेज देने की मिन्नतें करती रहती हैं। वहां दुल्हन बनकर गई महिलाओं ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को बताया कि वहां उन्हें बेसहारा कर दिया जाता है, उनके साथ शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता है. कई को तो खाना भी नहीं मिलता।

मानव तस्करी के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का कहना है 2018 से 2019 की शुरुआत तक 629 पाकिस्तानी लड़कियों को चीन को बेच दिया गया। लेकिन बीजिंग के साथ इस्लामाबाद के संबंध खराब न हों इस डर से सरकारी अधिकारियों ने जांच को रोक दिया है।

अक्टूबर में, फैसलाबाद की एक अदालत ने लडकियों की इस तस्करी के संबंध में आरोपी 31 चीनी नागरिकों को बरी कर दिया था। अदालत के अधिकारी और मामले की जानकारी रखने वाले पुलिस अधिकारी इतना बता रहे है कि जिन महिलाओं को पुलिस ने गवाही के लिए तैयार किया था, उनमें से कई ने गवाही देने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें सरकारी मुल्लाओं की ओर से या तो धमकी दी गई थी या उन्हें चुप करा दिया गया था।

अब हालातों को अंदाजा लगाइए कि किस तरह चीन हर तरफ से पाकिस्तान से कीमत वसूल रहा है। वहां के लोगों को वंश बढ़ाने और हवस मिटाने के लिए महिलाएं चाहिए जो वहां उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए दुल्हनें गरीब इलाकों से खरीदी जा रही हैं। काम खत्म होने के बाद जब इन दुल्हनों की जरूरत नहीं होती तो इन्हें वापस भेज दिया जाता है, लेकिन हर किसी की किस्मत इतनी अच्छी नहीं होती। चीन में रहने वाली पाकिस्तानी अल्पसंख्यक लड़कियों के साथ हो रहा ये व्यवहार अमानवीय है और सबसे अमानवीय ये कि पाकिस्तान सरकार इसके खिलाफ कुछ नहीं करती क्योंकि रिश्तेदारी खराब होने का डर जो है। जबकि एक पूरा रैकेट जारी है, और यह बढ़ रहा है। चीन जानता है कि उनके कर्ज में फंसा पाकिस्तान कभी भी इसका विरोध नहीं करेगा इस वजह से अब तस्करी अब बढ़ रही है और कर्ज के लिए पाकिस्तान बेटियों को बेच रहा है और भारत को परमाणु हमले की धमकी दे रहा है।

 राजीव चौधरी 

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